Mahadev College
अल-नीनो और ला-नीनो

अल-नीनो और ला-नीनो

📅 20 May 2026 | 🏫 Geography | 👁️ 2 Views

Dr Pradeep Kr Gautam
Geography

*अलनीनो (El Niño)* और *ला नीनो (La Niña)* यह प्रशांत महासागर में होने वाली प्राकृतिक जलवायु घटनाएँ हैं। जो 4-5 वर्षों में घटित होती रहती हैं।

*1. अलनीनो - El Niño*
यह पूर्वी प्रशांत महासागर में पेरू तट से 180 किलोमीटर पश्चिम में उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर प्रवाहित होने वाली गर्म महासागरीय जलधारा है जो दिसंबर माह में पेरू तट के सहारे प्रवाहित होती है यह 3° - 36°  दक्षिणी अक्षांश के बीच प्रवाहित होती है।
इस धारा के कारण प्रशांत महासागर में निम्न दाब स्थापित हो जाता है।
इसको *यीशु शिशु (Christ Child)* के नाम से जाना जाता है।

*प्रभाव*

- *समुद्र गर्म हो जाता है*: मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से 2-3°C तक ज्यादा गर्म हो जाता है।
- *हवाएँ कमजोर पड़ती हैं*: पूर्व से पश्चिम चलने वाली ट्रेड विंड्स कमजोर हो जाती हैं या उल्टी चलने लगती हैं।
- *बारिश का पैटर्न बदलता है*: गर्म पानी के साथ बादल और तूफान पूर्व की तरफ खिसक जाते हैं।

*भारत पर असर*:
- *मानसून कमजोर*: भारत में गर्मी ज्यादा और बारिश कम होती है। सूखे का खतरा बढ़ जाता है।
- *सर्दी हल्की*: उत्तर भारत में सर्दी कम पड़ती है।
- उदाहरण: 2015 का अलनीनो बहुत ताकतवर था, भारत में मानसून 14% कम रहा।

*दुनिया पर असर*:
- पेरू, इक्वाडोर में भारी बारिश और बाढ़।
- ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया में सूखा।
- अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में ज्यादा बारिश।

*2. ला नीनो - La Niña*

ला नीनो का आविर्भाव उस समय पश्चिमी प्रशांत महासागर में होता है जब पूर्वी प्रशांत महासागर में एल नीनो का प्रभाव समाप्त हो जाता है पश्चिमी प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में सूखे की स्थिति को ला नीनो बदल देती है।
लानीनो के आविर्भाव के साथ पश्चिमी प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय भाग में तापमान में वृद्धि होने से इंडोनेशिया के समीपवर्ती भागों में सामान्य से अधिक वर्षा होती है तथा भारत में ग्रीष्मकालीन मानसून अधिक सक्रिय हो जाता है।


*प्रभाव*

- *समुद्र ठंडा हो जाता है*: मध्य और पूर्वी प्रशांत का पानी सामान्य से 3-5°C तक ठंडा हो जाता है।
- *हवाएँ तेज हो जाती हैं*: ट्रेड विंड्स और मजबूत हो जाती हैं।
- *ठंडा पानी ऊपर आता है*: पेरू के तट पर समुद्र की गहराई से ठंडा पानी सतह पर आता है।

*भारत पर असर*:
- *मानसून मजबूत*: भारत में बारिश सामान्य से ज्यादा होती है। बाढ़ का खतरा बढ़ता है।
- *सर्दी तेज*: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ती है।
- उदाहरण: 2020-2022 तक लगातार 3 साल ला नीनो रहा, भारत में अच्छी बारिश हुई।

*दुनिया पर असर*:
- ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया में भारी बारिश।
- दक्षिण अमेरिका में सूखा।
- अमेरिका में अटलांटिक तूफान ज्यादा आते हैं।


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