Mahadev College
तापीय सुदूर संवेदन

तापीय सुदूर संवेदन

📅 28 Apr 2026 | 🏫 Geography | 👁️ 7 Views

Dr Pradeep Kr Gautam
Geography

*तापीय सुदूर संवेदन* (Thermal Remote Sensing) यह वह तकनीक है जो वस्तुओं के संपर्क में आए बिना, उनके द्वारा उत्सर्जित तापीय अवरक्त विकिरण (Thermal Infrared Radiation) को मापकर सतह के तापमान का पता लगाती है। यह 3-5 माइक्रोन और 8-14 माइक्रोन तरंगदैर्ध्य का उपयोग करती है, जो दिन-रात कार्य करती हैं।

*मूल सिद्धांत* 
परम शून्य (-273.15°C) से ऊपर की हर वस्तु विकिरण उत्सर्जित करती है। सेंसर इस उत्सर्जित ऊर्जा को मापकर ' *रेडिएंट तापमान'* (Radiant Temperature) का पता लगाते हैं।

*प्लांक* के नियम के अनुसार कोई भी वस्तु अपने तापमान के हिसाब से Electromagnetic Radiation छोड़ती है एवं *Wien* का विस्थापन नियम के तहत कोई भी वस्तु जितनी गर्म होती है, उसकी Peak Radiation की वेवलेंथ उतनी ही कम होती है।

*कार्य* 
● हर वस्तु जिसका तापमान Absolute Zero से ऊपर है, वो Infrared रेडिएशन छोड़ती है। 
● सैटेलाइट या ड्रोन पर लगे थर्मल सेंसर 8-14 माइक्रोमीटर वेवलेंथ वाली इसी Thermal IR एनर्जी को पकड़ते हैं।
● सेंसर जितनी ज्यादा IR एनर्जी देखता है, सतह उतनी ही गर्म मानी जाती है। फिर इसे तापमान के नक्शे में बदल दिया जाता है।

*उपयोग* 
- *मौसम*: बादलों का तापमान मापकर बारिश का अनुमान, कोहरे की पहचान।
- *कृषि*: फसल में पानी की कमी का पता लगाना। सूखा पौधा ज्यादा गर्म दिखता है।
- *शहरी अध्ययन*: Urban Heat Island पता करना, यानी शहर के कौन से हिस्से ज्यादा गर्म हैं।
- *आपदा प्रबंधन*: जंगल की आग, ज्वालामुखी की सक्रियता, और बाढ़ के बाद नमी वाले इलाके ढूंढना।
- *समुद्र विज्ञान*: Sea Surface Temperature से El Niño, चक्रवात की तीव्रता का अनुमान।
- *भूविज्ञान*: गर्म पानी के सोते, जियोथर्मल एनर्जी वाली जगह खोजना।
- *पर्यावरण*: फैक्ट्री या पावर प्लांट से निकलने वाला Thermal Pollution नदियों में ट्रैक करना।
- *पुरातत्व*: जमीन के नीचे दबी दीवारें दिन-रात में अलग रफ्तार से गर्म/ठंडी होती हैं। थर्मल इमेज में दिख जाती हैं।
- *सुरक्षा*: रात में निगरानी, क्योंकि थर्मल को रोशनी की जरूरत नहीं होती।

*भारत के मुख्य मिशन*: INSAT-3D/3DR, Oceansat, और GISAT-1 में थर्मल चैनल हैं।


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