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वैवाहिक  परामर्शन  (Marital Counselling)

वैवाहिक परामर्शन (Marital Counselling)

📅 07 Mar 2026 | 🏫 Psychology | 👁️ 7 Views

Dr. GAUTAM PRASAD SUXENA
Psychology

वैवाहिक  परामर्शन  (Marital Counselling)
            वैवाहिक परामर्शन एक प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक की मदद से विवाहित जोड़ों के बीच संवाद बढ़ाने , आपसी   विश्वास बहाल करने और समस्याओं को सुलझाने की  मनोवैज्ञानिक  प्रक्रिया है I वैवाहिक परामर्शन से रिश्तो में  धनिष्ठता , तालमेल और भावात्मक जुड़ाव मजबूत होता है तथा छोटी-छोटी समस्याओं को बड़ा होने से रोकने में मदद मिलती हैI
वैवाहिक परामर्शन के उद्देश्य :- वैवाहिक 
के निम्नलिखित उद्देश्य हैं l
1. संवाद में सुधार- वैवाहिक  परामर्शन का  उद्देश्य पति पत्नी के बीच एक दूसरे को सुनने एवं समझने की क्षमता  को बढ़ाना हैl
2. विश्वास की बहाली -  एक दूसरे की कमी या बेवफाई के बाद रिश्तो को ठीक करना l
3. पति-पत्नी के बीच टकराव को सुलझाना- पति पत्नी के बीच झगड़ों की जड़ को पहचान कर व्यावहारिक समाधान को  खोजना l
4. भावात्मक एवं शारीरिक संबंधों को गहरा करना-
5. विवाह पूर्व परामर्शन- शादी से पहले की समस्याओं को समझने एवं एक मजबूत मजबूत न्यू रखना l
   वैवाहिक परामर्शन की आवश्यकता (Need of Marital Counselling)
वैवाहिक जीवन में विवाह से पूर्व एवं विवाह के पश्चात निम्नलिखित परिस्थितियों में परामर्श की आवश्यकता होती है:-
1. पति पत्नी के बीच लगातार बड़े होना आज बंद हो जाने पर मनोवैज्ञानिक परामर्श की आवश्यकता होती है 
2. पति-पत्नी के बीच पैसे अथवा आमदनी  या खर्च को लेकर मतभेदों को दूर करने के लिए l
3. पति पत्नी के बीच  बच्चे या परिवार  के पालन पोषण को लेकर बनने वाली असहमति l
4. पति-पत्नी के बीच एक दूसरे से किए जाने वाले विश्वासघात l
5. पति पत्नी संवेगिक रूप से जब एक दूसरे से दूर  होने या महसूस करने लगते हैं तो ऐसी स्थिति में परामर्श अति आवश्यक हो जाता है l 
            परामर्शन प्रक्रिया
     (Counselling process)
वैवाहिक परामर्शदाता विवाहित जोड़े को एक सुरक्षित स्थान प्रदान करता है जहां विवाहित जोड़े आपस में खुलकर एक दूसरे से बातचीत कर सके l परामर्श की इस प्रक्रिया में  परामर्शदाता विवाहित जोड़ों की बातों को सहानुभूति पूर्ण तरीके से सुनता 
एवं सक्रिय  भूमिका निभाता है l इस प्रक्रिया से दोनों के बीच समझ गहरी होती है l वैवाहिक परामर्श की प्रक्रिया से उनके बीच की समस्याओं की नकारात्मकता दूर करके उनके बीच एक स्वस्थ पैटर्न निर्मित करने में मदद मिलती है l 
     वैवाहिक परामर्शन के लाभ
(Benifits of Marita Counselling)
एक मनोवैज्ञानिक वैवाहिक परामर्शन के निम्नलिखित  लाभ है :-
1. रिश्तो में मजबूती लाना एवं वैवाहिक जीवन तथा  परिवार से जुड़े छोटे मुद्दों को बड़ा होने से पहले ही हल करना l
2. तनाव में कमी लाना  तथा वैवाहिक जीवन में उत्पन्न होने वाले तनाव को  दूर करने में सहायता मिलती l
3. बेहतर जीवन शैली का निर्माण करना तथा वैवाहिक जीवन में संतुष्टि को बढ़ाना और जीवन को अधिक खुशनुमा बनाना l 
        विवाह पूर्व परामर्शन के लाभ
(Benifits of premarital counselling)
विवाह से पूर्व परामर्शन शादी से पहले जोड़ों को एक दूसरे को समझने में और भविष्य की  नीव  रखने में  मदद प्रदान करता है प्रमुख बिंदु निम्नलिखित है l
1. एक समान दृष्टिकोण निर्मित करना - विवाह पूर्व परामर्शन से कपल को बजट बनाने परिवार नियोजन कैरियर निर्माण तथा एक दूसरे की महत्वाकांक्षाओं को समझने और जीवन  के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने एवं एकमत या एक  राय बनाने में मदद मिलती  मिलती हैl
2. बेहतर समझ विकसित करना- विवाह पूर्व परामर्शन से शादी से पहले ही साथी अथवा पार्टनर के व्यक्तित्व व्यवहार और पसंद ना पसंद को समझने का मौका मिलता है  इससे भविष्य में होने वाले आपसी मतभेदो को कम करने में मदद प्राप्त होती हैl
3. महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा- विवाह पूर्व परामर्शन से धन, प्रेम ,यौन संबंध ,आध्यात्मिक विश्वास जैसे संवेदनशील विषयों पर खुलकर बात करने के लिए एक सुरक्षित अवसर एवं मंच प्राप्त होता हैl
      विवाह के पश्चात परामर्शन  के लाभ
Benifits of post-Marital Counselling
शादी के बाद जीवन में आने वाली कठिनाइयां  और आपसी विवादों को सुलझाने के लिए विवाह के पश्चात परामर्शन एक बहुत ही प्रभावी उपचार होता है l इसे कपल थेरेपी भी कहा जाता है इसके निम्नलिखित लाभ है:-
1. पति-पत्नी के बीच संवाद में सुधार- जब पति-पत्नी के बीच बातचीत बंद हो जाती है तो ऐसी स्थिति में परामर्शदाता उन्हें अपनी भावनाओं को बिना एक दूसरे को आहत पहुंचा व्यक्त करने की कला सिखाते हैंI
2. पति-पत्नी के बीच विश्वास की बहाली- विवाह  के पश्चात परामर्शन से पति पत्नी अथवा पार्टनर के बीच अतिरिक्त वैवाहिक संबंध या धोखे के बाद टूटे हुए विश्वास को फिर से बनाने और पुराने भावात्मक घाव को भरने में मदद मिलती हैl
3. टीम की तरह कार्य- विवाह पश्चात परामर्शन चिकित्सा पार्टनर्स को एक दूसरे के प्रति सामान बढ़ाने और समस्याओं को सुलझाने के लिए एक टीम की तरह काम करने के लिए परामर्शदाता प्रेरित करते हैं जिससे पति पत्नी जीवन मैं आने वाली  समस्याओं का समाधान करना  सीखते हैI 
4. रिश्तो को टूटने से बचाना- जब पति-पत्नी के रिश्ते तलाक की कगार कगार पर होते हैं मुझे रोज रोज की लड़ाई झगड़े से सुखचैन छिन गया होता है ऐसे में वैवाहिक परामर्शदाता अथवा मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ की सलाह से पति-पत्नी के बीच की कड़वाहट को दूर करके रिश्ते को नया जीवन दिया जा सकता हैI
4. पैरंटहुड प्रबंधन:- विवाह के पश्चात परामर्शन से कपल से माता-पिता बनाने के बदलाव को सहजता से स्वीकार करने और निभाना निभाने में एक बेहतर मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन प्राप्त होता हैI
           

 


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