Mahadev Mahavidyalaya ज़िंदगी रुकती नहीं है… हर दर्द के बाद भी आगे बढ़ना ही जीवन है

ज़िंदगी रुकती नहीं है… हर दर्द के बाद भी आगे बढ़ना ही जीवन है

📅 26 Jan 2026 | 🏫 Computer Applications | 👁️ 166 Views

Dharmendra Bhaskar
Computer Applications

हाल ही में हमारे समाज और शिक्षा जगत ने एक बेहद दुखद घटना देखी—एक ऐसे शिक्षक का असमय जाना, जिन्होंने न जाने कितने विद्यार्थियों के जीवन को दिशा दी थी। यह खबर केवल एक व्यक्ति के जाने की नहीं है, बल्कि उन अनगिनत सपनों, सीखों और रिश्तों की भी है, जो उनसे जुड़े थे।

यह घटना हमें झकझोरती है। सोचने पर मजबूर करती है। और एक सवाल छोड़ जाती है—क्या ज़िंदगी यहीं रुक जाती है?

सच यह है कि जीवन कभी रुकता नहीं। वह हर परिस्थिति में आगे बढ़ता रहता है—कभी आँसुओं के साथ, कभी खामोशी के साथ, और कभी नई उम्मीदों के सहारे।

आज का समय बेहद तेज़ है। प्रतियोगिता, अपेक्षाएँ, जिम्मेदारियाँ और अकेलापन—सब एक साथ हमारे मन पर दबाव बनाते हैं। शिक्षक हों, विद्यार्थी हों या कोई भी पेशेवर—कोई भी इससे अछूता नहीं है। कई बार हम बाहर से मुस्कुराते रहते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर टूट रहे होते हैं।

ऐसे में सबसे ज़रूरी बात है—बात करना।
अपने मन की बात किसी से साझा करना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस है। मदद माँगना हार नहीं, बल्कि जीवन को चुनने का फैसला है।

हमारे बीच ऐसे लोग ज़रूर होते हैं जो सुनना चाहते हैं—पर हम अक्सर यह मान लेते हैं कि “कोई समझेगा नहीं।” यही सोच हमें अकेला कर देती है।

उस शिक्षक की स्मृति में, जिनका जाना हम सभी के लिए एक गहरी क्षति है, हमें यह प्रण लेना चाहिए कि:

ज़िंदगी का अर्थ केवल सफल होना नहीं है।
ज़िंदगी का अर्थ है—जीते रहना, सीखते रहना और एक-दूसरे का सहारा बनना।

जो चले गए, वे हमारे साथ यादों में, मूल्यों में और प्रेरणा में हमेशा जीवित रहेंगे।
और जो यहाँ हैं—उनके लिए ज़रूरी है कि वे आगे बढ़ें, क्योंकि जीवन रुकने के लिए नहीं बना है।

यदि आज आप किसी बोझ से दबे हैं, तो याद रखें—यह समय भी बीत जाएगा।
आप अकेले नहीं हैं, और आपकी ज़िंदगी अनमोल है।

ज़िंदगी रुकती नहीं है… हर दर्द के बाद भी आगे बढ़ना ही जीवन है।


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