Mahadev Mahavidyalaya मकर संक्रांति: जब सूर्य ही नहीं, जीवन भी उत्तरायण होता है

मकर संक्रांति: जब सूर्य ही नहीं, जीवन भी उत्तरायण होता है

📅 14 Jan 2026 | 🏫 POLITICAL SCIENCE | 👁️ 126 Views

Dr Abhinesh Gupta
POLITICAL SCIENCE

🌞 मकर संक्रांति: जब सूर्य ही नहीं, जीवन भी उत्तरायण होता है

भारत के त्योहार केवल परंपराएँ नहीं हैं, वे जीवन जीने की कला सिखाते हैं।
मकर संक्रांति ऐसा ही एक पर्व है, जो हमें यह याद दिलाता है कि अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना ही जीवन का असली नियम है।

यह त्योहार हर साल जनवरी में आता है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण की शुरुआत होती है। यही कारण है कि मकर संक्रांति को नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और आशा का पर्व माना जाता है।

☀️ उत्तरायण का संदेश: आगे बढ़ते रहो

मकर संक्रांति का सबसे बड़ा संदेश है — रुकना नहीं
जैसे सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर बढ़ता है, वैसे ही हमें भी अपने जीवन में:

बढ़ना चाहिए।

यह पर्व कहता है:

अगर दिशा सही हो, तो हर कदम सफलता की ओर ले जाता है।

🪁 पतंगें: सपनों की उड़ान

मकर संक्रांति पर आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें सिर्फ़ खेल नहीं हैं, वे सपनों का प्रतीक हैं।

जब हम पतंग उड़ाते हैं, तो सीखते हैं:

यानी जीवन में भी संतुलन ही सफलता की कुंजी है।

🍬 तिल-गुड़: रिश्तों की मिठास

“तिल-गुड़ खाओ, मीठा-मीठा बोलो”
यह कहावत मकर संक्रांति की आत्मा है।

तिल हमें सिखाता है मजबूती और सहनशीलता,
गुड़ सिखाता है मिठास और अपनापन।

आज के समय में, जब रिश्तों में दूरी बढ़ रही है, मकर संक्रांति हमें याद दिलाती है कि मीठे शब्द और सच्चे भाव सबसे बड़ा उपहार हैं।

🌾 किसान और प्रकृति का पर्व

मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं, यह किसान के सम्मान का दिन भी है।
नई फसल, मेहनत का फल और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता — इस पर्व का मूल भाव है।

यह हमें सिखाता है कि:

जो धरती से जुड़ा है, वही भविष्य से जुड़ा है।

🌍 आज के समय में मकर संक्रांति का महत्व

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में हम अक्सर थक जाते हैं — मानसिक रूप से, भावनात्मक रूप से।
मकर संक्रांति हमें एक पल रुककर सोचने का मौका देती है:

यह पर्व कहता है:

हर साल नहीं, हर दिन उत्तरायण बनो।

✨ निष्कर्ष: त्योहार जो जीवन सिखाता है

मकर संक्रांति केवल सूर्य का पर्व नहीं है,
यह संघर्ष से सफलता,
ठंड से गर्मजोशी,
और निराशा से नई उम्मीद का पर्व है।

इस मकर संक्रांति पर संकल्प लें —

🌞 क्योंकि जब सोच उत्तरायण होती है, तब जीवन अपने आप उजाला बन जाता है।


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